घटना-दुर्घटना मुंगेर हवेली खड़गपुर

सड़क हादसे में जवाहर नवोदय विद्यालय के दशम के छात्र की मौत,स्कूल छोड़ने आई मां को हमेशा के लिए छोड़कर चला गया बेटा,

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सड़क हादसे में जवाहर नवोदय विद्यालय के दशम के छात्र की मौत,स्कूल छोड़ने आई मां को हमेशा के लिए छोड़कर चला गया बेटा,
हवेली खडगपुर/ मुंगेर।खड़गपुर बरियारपुर मुख्य मार्ग में चांदवली स्थान के निकट सड़क हादसे में जवाहर नवोदय विद्यालय के दशम के 16 वर्षीय छात्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दी गई जानकारी के अनुसार जमालपुर फरीदपुर गांव निवासी रामदेव शर्मा के पुत्र सह जवाहर नवोदय विद्यालय के दशम के 16 वर्षीय छात्र अर्पित हंस अपनी मां मधुचंदा के साथ अपने घर से टेंपो पर सवार होकर विद्यालय आ रहा था। खड़गपुर बरियारपुर मुख्य मार्ग में चांदवली स्थान के निकट टेंपो के आगे से कुत्ते के गुजरने के कारण टेंपो चालक संतुलन खो दिया और टेंपो पलटी खा गयी जिसमें छात्र अर्पित हंस बुरी तरह जख्मी हो गया। स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज के लिए उन्हें खड़गपुर  समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरी ओर टेंपो चालक टेंपो लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जवाहर नवोदय विद्यालय के  प्राचार्य सहित शिक्षक सदस्यों की टीम सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पहुंचकर छात्र के प्रति शोक संवेदना व्यक्त किया। साथ ही साथ खड़गपर थाना की पुलिस भी अस्पताल पहुंचकर मृतक छात्र के पिता को घटना की सूचना दी। पिता के पहुंचने के बाद पंचनामा कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु मुंगेर भेज दिया।अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही हो चुकी थी मौत :-चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही छात्र अर्पित हंस की मौत हो चुकी थी। मां की नाजुक स्थिति को देखते हुए बेटे की मृत्यु के बारे में उन्हें नहीं बताया गया। छात्र के पिता जमालपुर फरीदपुर गांव निवासी रामदेव शर्मा को घटना की सूचना दी गई है।

कोई मेरे बेटे को बचा लो कह कर माथा पीट पीट कर रो रही थी मां :-जवाहर नवोदय विद्यालय के दशम के छात्र अर्पित हंस की मां मधुचंदा “कोई मेरे बेटे को बचा लो” कह कर माथा पीट पीट कर रो रही थी। उसे कहां पता था कि जिस बेटों को छोड़ने वह आई है, वह बेटा उसे हमेशा के लिए छोड़ कर चला गया है। मां की चित्कार पर अस्पताल की एएनएम एवं अन्य लोगों से हृदय पिघल रहे थे। वह बस एक ही रट लगा रही थी कोई मेरे बेटे को बचा लो और बार-बार अपनी माता को पीटने लगती थी। बेटा इस तरह बेड पर अचेतावस्था में था कि मां की पुकार भी नहीं सुन पा रहा था। रोती बिलखती मां ने बताया अर्पित एकमात्र पुत्र है और उसे एक लड़की भी है जो दशम की परीक्षा पास कर घर में है।

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