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बाढ़ की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री ने प्राप्त सुझावों के आलोक में की समीक्षा बैठक, दिये कई निदेश,

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मुख्यमंत्री ने बाढ़ की तैयारियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आलोक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।
मुख्य बिन्दु :-
 लोगों की सहायता एवं सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
 जनप्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यान रखते हुए कार्य करें।
 क्षतिग्रस्त हुए सड़कों, पुल-पुलियों की पुर्नस्थापना को प्राथमिकता के साथ 15 जून तक पूर्ण करें।
 सभी पथों एवं ब्रिजों का अनुरक्षण करें।
 यह सुनिश्चित करें कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो।
 विशेष अभियान चलाकर बरसात के पूर्व पुल-पुलियों की सफाई कार्य पूर्ण करें।
 बाढ़ सुरक्षा हेतु बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को जल्द पूरा करें।
 बाढ़ को लेकर सभी अधिकारी पूरी तरह सचेत रहें, ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके।
पटना, 30 मई 2021 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में बाढ़ की तैयारियों के संबंध में सांसदों/विधानपार्षदों /विधायकों के साथ प्रमंडलवार बैठक में प्राप्त सुझावों से संबंधित समीक्षा बैठक की। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजीव कुमार हंस ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 13 से 21 मई तक सांसदों/विधानपार्षदों/विधायकों के साथ जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमंडलवार बैठक की गई। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित बाढ़ पूर्व कार्यों तथा भावी परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस बैठक में संबंधित चारो विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव एवं अन्य वरीय अधिकारी भी जुड़े रहे थे। जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजीव कुमार हंस, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अमृत लाल मीणा, लघु जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव श्री रवि मनु भाई परमार एवं ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आलोक में अपने-अपने विभागों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसदों/विधानपार्षदों/विधायकों के साथ चारो विभागों की बैठक प्रमंडलवार हुई थी, जिसमें जनप्रतिनिधियों के द्वारा बाढ़ से बचाव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थे। इन सुझावों से बाढ़ पूर्व की तैयारियों में काफी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र के फीडबैक भी संबंधित विभागों को दिए हैं, इससे भावी योजनाओं के निर्माण में भी मदद मिलेगी। जनप्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग कार्य करें। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हुए सड़कों, पुल-पुलियों की पुर्नस्थापना को प्राथमिकता के साथ 15 जून तक पूर्ण करें। सभी पथों एवं ब्रिजों का अनुरक्षण करें। यह सुनिश्चित करें कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि तटबंधों की ऊंचीकरण, पक्कीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य को तेजी से पूर्ण करें। बाढ़ सुरक्षा हेतु बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान चलाकर बरसात के पूर्व पुल-पुलियों की सफाई कार्य पूर्ण करें। पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग बाढ़ प्रक्षेत्र की सड़कों पर विशेष नजर रखें। बाढ़ को लेकर सभी अधिकारी पूरी तरह सचेत रहें, ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके। लोगों के बचाव की पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि लोगों की सहायता एवं सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन एवं ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत राज ने जनप्रतिनिधियों से प्रमंडलवार बैठक के दौरान मिले सुझावों, फीडबैक एवं अपने अनुभव से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। सभी मंत्रियों ने बताया कि सभी जनप्रतिनिधियों का मानना था कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर किया गया यह बैठक काफी लाभप्रद साबित होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री श्रीमती रेणु देवी, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत राज, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अमृत लाल मीणा, स्वास्थ्य-सह-आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, लघु जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव श्री रवि मनु भाई परमार, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजीव कुमार हंस, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल सहित अन्य वरीय अधिकारी जुड़े हुए थे। ’’’’’’

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