खास खबर मुंगेर

अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है होम्योपैथिक कॉलेज,
चार साल से नामांकन बन्द रहने से होमोयोपेथीक शिक्षा ग्रहण करने के इच्छुक छात्र छात्राओं का अंधकार में है भविष्य,
जिला राजद ने जिला पदाधिकारी से की जिले के इस धरोहर को बचाने की मांग,

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अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है होम्योपैथिक कॉलेज,
चार साल से नामांकन बन्द रहने से होमोयोपेथीक शिक्षा ग्रहण करने के इच्छुक छात्र छात्राओं का अंधकार में है भविष्य,
जिला राजद ने जिला पदाधिकारी से की जिले के इस धरोहर को बचाने की मांग,
  मुंगेर।मुंगेर प्रमंडलीय मुख्यालय का होम्योपैथिक कॉलेज आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले चार साल से प्रशासनिक उदासीनता के कारण होम्योपैथिक कॉलेज में विधिवत नामांकन बन्द है। फलस्वरूप होमोयोपेथीक शिक्षा ग्रहण करने के इच्छुक सैकड़ों छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकार में है। इतना हीं नहीं हाईकोर्ट के निर्देशानुसार इस कॉलेज के नॉडल अफसर मुंगेर के डीएम हैं। इस कॉलेज के रख रखाव तथा कॉलेज के विकास व कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था, आउटडोर सेवा, इमरजेंसी सेवा की देखरेख के लिए जो कमिटि है, उसमें पहले सदर एसडीओ सचिव, डॉ. रामजीवन प्रसाद सिंह अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सहित अन्य मेम्बर थे। कुछ वर्ष पूर्व मुंगेर के पूर्व डीएस सह सासाराम के वर्तमान सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार सिन्हा को वित्तीय अधिकार मिला हुआ है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय से चिट्ठी निर्गत कर मुंगेर होम्योपैथिक कॉलेज के पुनः मान्यता हासिल होने के लिए कॉलेज प्रबंधन को सोमवार को रिपोर्ट भेजने का अंतिम दिन है। जब इस सम्बनध में प्रिंसिपल अशोक तिवारी से राजद के जिला महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कु हिमांशु उर्फ अरविंद ने बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने बिना सन्तोजनक जबाब दिए फोन कट कर दिया।

राजद ने उठाए कई सवाल :- राजद के जिला महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कु हिमांशु उर्फ अरविंद ने मुंगेर के जिला पदाधिकारी से होम्योपैथिक कॉलेज को बचा लेने की मांग करते हुए कहा कि मुंगेर होम्योपैथिक कॉलेज जो मुंगेर जिला हीं नहीं बल्कि इस प्रमंडल का धरोहर है, यदि  चालू रहता तो इंटर्नशिप करने वाले सैकड़ों छात्र छात्राएं यहां रहते तो कोरोना संक्रमण में काफी सुविधा मिलती। उन्होंने कहा कि कॉलेज मामलों में कॉलेज प्रबंधन के सदस्य डॉ. रामजी प्रसाद सिंह, स्थानीय विधायक,  सदर एसडीओ तथा डॉ. सुधीर सिन्हा से दूरभाष पर बात किये, पर किसी ने सन्तोजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का जब गाइडलाइन है कि होमियोपैथी कॉलेज का प्रिंसिपल पद के लिय कमसे कम एमडी डिग्री धारक डॉक्टर होना जरूरी होता है, तो फिर कैसे अशोक तिवारी प्रिंसिपल बना हुआ है ?

क्या है माग :-  राजद के जिला महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कु हिमांशु उर्फ अरविंद ने मुंगेर के जिला पदाधिकारी से होम्योपैथिक कॉलेज को बचा लेने की मांग करते हुए कहा कि होम्योपैथिक कॉलेज मुंगेर  में नए एडमिशन पर लगी रोक को निरस्त कर पुनः नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो एवं इस कॉलेज़ में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं कुव्यवस्था में सुधार हो।

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