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आईसीडीएस टास्क फोर्स की बैठक में डीएम ने किया जिले में संचालित सभी कार्यक्रमों की बिन्दुवार समीक्षा, 
फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाली होने वाले पर गिरेगी गाज, सख्त कार्रवाई का निदेश,

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आईसीडीएस टास्क फोर्स की बैठक में डीएम ने किया जिले में संचालित सभी कार्यक्रमों की बिन्दुवार समीक्षा, 
फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाली होने वाले पर गिरेगी गाज, सख्त कार्रवाई का निदेश, मुंगेर। जिला आईसीडीएस टास्क फोर्स की बैठक जिला पदाधिकारी रचना पाटिल की अध्यक्षता में हुई। आईसीडीएस द्वारा संचालित सभी कार्यक्रमों की बिन्दुवार समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत कई आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। शौचालय विहिन ऑगनबाड़ी केन्द्रों की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि सभी केन्द्रों पर आच्छादित है। पेयजल के लिए भी सभी केन्द्रों को आच्छादित करने का निदेश दिया गया। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में प्रति केन्द्र 18 आवेदन सृजित करने का निदेश दिया गया है। इस योजना के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं को तीन चरणों में 5 हजार की राशि मुहैया करायी जाती है। पूरे जिला में कुल 28764 लाभुकों को लक्षित किया जाना है। इसमें सेविका के कार्यो को अच्छे से माॅनिटेंरिंग करने को कहा गया। इस योजना अन्तर्गत आधार कार्ड, बैंक अकाउंट आदि त्रुटि के निराकरण हेतु लाभुकों को बल्क एसएमएस के माध्यम से सूचित करने का भी निदेश दिया गया। कुल 681 त्रुटि के मामले है। परवरिश योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसमें 18 वर्ष से कम के बच्चे का माता पिता दोनों की मृत्यु हो चूकि है। उन्हें यह लाभ दिया जाता है। यदि कोई भी इस प्रकार का मामला प्रकाश में है या जानकारी हो तो प्रखंड स्तरीय सीडीपीओ कार्यालय में जाकर संबंधित आवेदन दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना भी एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसमें जीरो से दो वर्ष के बच्चे यदि निजी अस्पताल या घर में जन्म लेते है। तो उनका निबंधन ऑगनबाड़ी द्वारा किया जाता है। इस योजना में धीमी प्रगति के कारण सेविका एवं सहायिका को 02-02 का लक्ष्य दिया गया। गृह भ्रमण भी एक महत्वपूर्ण कार्य है। निदेश दिया गया कि प्रत्येक माह महिला पर्यवेक्षिका अपने अपने क्षेत्रों में न्यूनतम 100 गृह भम्रण करेगे। प्रमाण पत्र सत्यापन के संबंध में सख्त निदेश दिया गया कि फर्जी प्रमाण पत्र पर ऑगनबाड़ी केन्द्रों पर बहाली होने वाले सेविका सहायिका पर कड़ी कार्रवाई करेंं। उन्हें न सिर्फ चयन मुक्त करेंं बल्कि प्राथमिकी, राशि वसूली एवं नीलाम वाद भी दायर करे। डीपीओ आईसीडीएस को निदेश दिया गया कि कांड संख्या के साथ कृत कार्रवाई के संबंध में प्रतिवेदित करेगे। कई निर्माणाधीन ऑगनबाड़ी केन्द्रों को अंचलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर पूर्ण करने का निदेश दिया गया। माननीय सदस्य (न्यायिक) लोकायुक्त बिहार द्वारा दिये निदेश के आलोक में सर्वसाधरण को सूचित किया जाता है कि राज्य अन्तर्गत सभी ऑगनबाड़ी केन्द्रों पर शौचालय एवं पेयजल उपलब्ध करा दिया गया है। यदि कोई ऑगनबाड़ी केन्द्र शौचालय एवं पेयजल सुविधा विहिन संचालित किया जा रहा है, तो इस संबंध अविलंब संबंधित प्राधिकार तथा संबंधित सीडीपीओ तथा जिला स्तर पर डीपीओ, आईसीडीएस (9431005053) एवं जिला पदाधिकारी को सूचित करेंं। गोद भराई एवं अन्नप्राशन महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जो क्रमश: प्रत्येक माह के 07 एवं 19 तारीख को मनाया जाता है।     मानव व्यवपार एवं बाल श्रम संबंधित बैठक की भी की गयी। निदेश दिया गया कि नियमित रूप से बाल श्रम उन्मूलन हेतु छापेमारी करेंं। मात्र 02 बच्चे बाल श्रम से मुक्त करने पर श्रम अधीक्षक से स्पष्टीकरण की माॅग की गयी। इस संबंध में प्रखंड एवं गांंव स्तर पर भी नियमित बैठक करने का निदेश दिया गया। बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस), सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, बाल संरक्षण इकाई पदाधिकारी, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी  दिनेश कुमार,  फुलेन्द्र चैधरी  थे।

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