पटना बिहार शिक्षा स्पेशल रिपोर्ट

पेंटिंग में करोना से भयभीत इंसान को दिखाने का  किया गया प्रयास,
बिहार के एक लाल कलाकार दिल्ली में लहरा रहे अपनी कला का परचम, – डॉ. सुरेश कुमार

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पेंटिंग में करोना से भयभीत इंसान को दिखाने का  किया गया प्रयास,
बिहार के एक लाल कलाकार दिल्ली में लहरा रहे अपनी कला का परचम,

पटना।
मुसव्विर खुद परेशांं है कि ये तस्वीर किसकी है, रहोगे जिसके दिल में तुम हसींं तकदीर किसकी है…. 
 , 

सुधीर कुमार पंडित

बिहार पटना यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट 1994 बैच के छात्र सह पटना सिटी के दीवान मुहल्ला, हमाम निवासी लक्ष्मी नारायण पंडित के पुत्र सुधीर कुमार पंडित ने फाइन आर्ट की पढ़ाई पुरी की। पढ़ाई के दौरान मूर्ति कला, चित्रकला, शिक्षक के रूप में कार्यरत रहे। उन्होंने 1994 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद  दिल्ली चले गए। दिल्ली में उन्होंने अपनी पहचान पेंटिंग के माध्यम से बनाया। वे चित्रकला में कई प्रदर्शनी भी लगाई । अभी पूरी दुनिया कोरोनावायरस से ग्रसित है, उन्होंने अपनी पेंटिंग में करोना से भयभीत इंसान को दिखाने का प्रयास किया। उन्होंने अपनी पेंटिंग के माध्यम से कोरोना के विकराल रूप को इस तरह प्रदर्शित किया है कि उसे  देखकर इंसान को सतर्क होने की शिक्षा मिलती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पेंटिंग में एक्रेलिक कलर का प्रयोग किया है । उन्होंने कहा कि वे दिल्ली में रहकर 25 वर्षों से पेंटिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया है और आगे भी करता रहूंगा। उन्होंने कहा उनका जीवन दर्शन पेंटिंग से शुरू हुआ है और पेंटिंग से ही खत्म भी होगा। उन्होंने बताया कि उनकी एक पेंटिंग विष्णु के मत्स्य अवतार की है, जो काफी चर्चित रही।

विष्णु मत्स्य अवतार
प्रज्ञा रंजन


दूसरा चर्चित नाम प्रज्ञा रंजन जो बिहार के सहरसा जिले में अपनी कला का परचम लहरा रही हैं, जिन्होंने कई नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के कंपटीशन में भाग लिया है। उन्होंने इंटरनेशनल कंपटीशन जो BAG द्वारा करवाया गया था जिसमें 30  देशों के कलाकारों ने भाग लिया था, उस प्रतियोगिता में उन्हें गोल्ड अवार्ड मिला । IWS में भी उनकी पेंटिंग चयनित हुई और वाटर कलर पेंटिंग शिलांग में प्रदर्शित हुई। आर्ट एंड कल्चरल फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में भी उन्हें सिल्वर मेडल मिला है। इसके अलावा उन्होंने कई जगह अपनी कला को प्रदर्शित किया है। प्रज्ञा रंजन ने बताया कि उन्हें पेंटिंग का शौक बचपन से ही है। वे  वाटर कलर, आयल कलर और चारकोल में भी पेंटिंग करती है। उसकी पसंदीदा माध्यम वाटर कलर है और इसमें ही ज्यादा काम करती है। उन्होंने बताया कि उनकी पेंटिंग का शीर्षक “मदर एंड चाइल्ड ” है. इस चित्र को वाटर कलर माध्यम में बनाई है। इस चित्र में उन्होंने मांं और बच्चे का निःश्छल प्रेम दिखाना चाहती है।

“मदर एंड चाइल्ड “

उन्होंने बताया कि उनकी एक पेंटिंग का शीर्षक “मेरा बिहार मेरा अभिमान ” है. इस चित्र को वाटर कलर माध्यम में बनाई हूं जिसमें बिहार का राजकीय पशु गौर, राजकीय पक्षी गौरैया, राजकीय पेड़ पीपल और राजकीय फूल कचनार को एक ही फ्रेम में दर्शाया गया है।

“मेरा बिहार मेरा अभिमान “

उन्होंने कहा कि उनकी दूसरे पेंटिंग का शीर्षक ” स्पिरिट ऑफ़ हैप्पीनेस ” है। इस चित्र को वाटर कलर माध्यम में बनाई है।  इस वह  बच्चे की मुस्कान से याद दिलाना चाहती है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां हैं, पर अगर चेहरे पर मुस्कुराहट है, हंसी है तो सभी चीज खूबसूरत लगने लगती है।

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