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सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क, सचिव स्वास्थ्य एवं अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय ने दी कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी,

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सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क, सचिव स्वास्थ्य एवं अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय ने दी कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी,

पटना, 01 जून 2020:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क श्री अनुपम कुमार, सचिव स्वास्थ्य श्री लोकेश कुमार सिंह एवं अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय श्री जितेन्द्र कुमार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के सम्बन्ध में अद्यतन जानकारी दी।

    सचिव, सूचना एवं जन-संपर्क श्री अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति पर सरकार की लगातार नजर है और प्रतिदिन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इसकी समीक्षा कर संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्ट्रैटजी बनाने एवं प्लानिंग करने पर सरकार का विशेष ध्यान है। इसके अलावा बाहर से आये हुए श्रमिकों के साथ-साथ यहां रहनेवाले सभी श्रमिकों के लिए रोजगार सृजन की दिशा में संबंधित विभागों द्वारा हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा घोषित अनलॉक-1 को बिहार सरकार यथावत फॉलो कर रही है। अनलॉक -1 के बाद एक्टिविटीज काफी बढ़ेंगी, इसलिए वर्तमान परिस्थिति में लोगों का जागरूक रहना बहुत ही आवश्यक है। जागरूकता अभियान लगातार चलाया भी जा रहा है और लोग काफी सतर्क भी हैं। जागरूकता अभियान को और बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा। सभी गाँवों एवं शहरों में माइकिंग तथा अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाएगा, क्योकि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता और सोशल डिस्टेंसिंग ही प्रभावी उपाय है।

सचिव, सूचना एवं जन-संपर्क ने बताया कि अब आपदा राहत केन्द्रों की संख्या कम हो रही हैं क्योंकि ज्यादातर लोग अपने गंतव्य तक पहुँच चुके हैं। बिहार के विभिन्न शहरों में ठेला वेंडर, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक एवं अन्य जरूरतमंद लोगों के भोजन, आवासन एवं उनकी स्वास्थ्य जांच के लिए वर्तमान में 53 आपदा राहत केंद्र फंक्शनल हैं, जिससे लगभग 11,789 लोग लाभान्वित हो रहे हैं। ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स की संख्या अभी 11,581 हैं जिसमें 5 लाख 26 हजार 768 लोग आवासित हैं। अभी तक ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स में कुल 14 लाख 3 हजार 576 लोग आवासित हो चुके हैं। इनमें से 8 लाख 76 हजार 808 लोग क्वारंटाइन की निर्धारित अवधि पूरी कर अपने घर जा चुके हैं। बिहार के बाहर फंसे बिहार के लोगों से अब तक 2 लाख 37 हजार से अधिक काॅल्स/मैसेजेज प्राप्त हुये हैं। कॉल्स और मैसेजेज के आधार पर संबंधित राज्य सरकारों एवं जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर लोगों की समस्याओं का निराकरण कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। अधिकांश लोग बिहार पहुंच चुके हैं, इसलिए अब कॉल्स और मैसेजेज काफी कम संख्या में प्राप्त हो रहे हैं। 

    श्री अनुपम कुमार ने बताया कि सरकार ने सभी राशन कार्ड विहीन सुयोग्य परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका द्वारा और शहरी क्षेत्रों में एन0यू0एल0एम0 के द्वारा राशन कार्ड विहीन परिवारों का सर्वे कराया गया था जिसके आधार पर अब तक 12 लाख 71 हजार नये राशन कार्ड बनाये जा चुके हैं। रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष ध्यान है और सभी संबंधित विभाग रोजगार सृजन को लेकर किये जा रहे कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक लगभग 4 लाख 37 हजार से अधिक संचालित योजनाओं के अंतर्गत 4 करोड़ 32 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है। प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए अब अंतिम चरण में ट्रेनें चलाई जा रही है। जो ट्रेनें शिड्यूल की गयी थीं, उनमें से अधिकांश ट्रेनें बिहार आ चुकी हैं। आज 18 ट्रेनों के माध्यम से 29 हजार 700 लोग बिहार पहुंच रहे हैं और कल 15 ट्रेनों के माध्यम से 24 हजार 750 लोगों का आगमन संभावित है।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि अब तक कुल 78,090 सैंपल्स की जांच की जा चुकी है और अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 3,872 हो गयी है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 180 पॉजिटिव मामले सामने आये हैं। 24 घंटे में 221 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं इस प्रकार अब तक 1,741 लोग स्वस्थ हुए हैं। इस प्रकार बिहार के 38 जिलों में 2,108 एक्टिव मामले हैं। 3 मई के बाद 2,743 प्रवासी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें महाराष्ट्र के 677, दिल्ली के 628, गुजरात के 405, हरियाणा के 237, उत्तर प्रदेश के 149 सहित अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिक शामिल हैं। 

    स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि होम क्वारंटाइन में रहने वाले लोगों पर भी निगरानी रखी जा रही है। पल्स पोलियो की तर्ज पर हो रही डोर टू डोर स्क्रीनिंग में ऐसे व्यक्तियों की 14 दिनों तक मॉनिटरिंग भी की जा रही है। प्रवासी लोगों की पूरी सूची तैयार करके सर्वेक्षण दल को दी गयी है। टीम प्रतिदिन उनके घरों पर जाकर स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है और ये भी देख रही है कि ये होम क्वारंटाइन के गाइडलाइन्स का अनुपालन कर रहे हैं या नहीं। साथ ही स्क्रीनिंग दल यह भी देख रहा है कि उनमें कोविड के लक्षण हैं अथवा नहीं। इस सर्वेक्षण में अब तक 2 लाख 94 हजार प्रवासी व्यक्तियों के घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इनमें से अब तक 74 ऐसे व्यक्ति मिले हैं जिनको खांसी, बुखार या फिर सांस लेने की शिकायत है। सिम्टम्स वाले प्रत्येक व्यक्ति का टेस्ट कराया जा रहा है। पूर्व की गाइडलाइंस के मुताबिक आज के दिन कंटेनमेंट जोन की संख्या 234 है और अब जिला पदाधिकारी जिले की स्थिति के अनुसार कंटेनमेंट जोन का निर्धारण करेंगे।

    अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय श्री जितेन्द्र कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गयी नई गाइडलाइन्स का अनुपालन कराया जा रहा है। अब तक कुल 2,260 एफ0आई0आर0 दर्ज की गयी हैं और 2,442 लोगों की गिरफ्तारियां हुयी हैं। 85,345 वाहन जब्त किये गये हैं। अब तक इससे कुल 20 करोड़ 42 लाख 38 हजार रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। पिछले 24 घंटे में अवरोध पैदा करने के कारण 04 एफ0आई0आर0 दर्ज की गयी हैं और 10 लोगों की गिरफ्तारियां हुयी हैं। 696 वाहन जब्त किये गये हैं और 18 लाख 77 हजार 400 रूपये जुर्माने के रूप में वसूल किये गये हैं। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और गाइडलाइन्स का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं। ’’

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